राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान’,का हुआ ‘पुरस्कार एवं सम्मान समारोह-


राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान’, उ0प्र0 के तत्वावधान में ‘पुरस्कार एवं सम्मान समारोह’ वर्ष 2020-21 का आयोजन ‘कलामंडपम सभागार’ भातखण्डे संगीत विश्वविद्यालय, .कैसरबाग, लखनऊ में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, महेश कुमार गुप्ता, आई0ए0एस0, अपर मुख्य सचिव, राज्यपाल उ0प्र0 थे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ0 हरिओम, अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान द्वारा की गई।


कार्यक्रम का शुभारम्भ सीमा गुप्ता द्वारा वाणी वन्दना के साथ किया गया। अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि द्वारा माँ शारदे की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। अतिथियों का स्वागत संस्थान के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डाॅ0 रविशंकर पाण्डेय द्वारा किया गया एवं संस्थान की गतिविधियों की प्रगति आख्या संस्थान की महामंत्री डाॅ0 शोभा दीक्षित ‘भावना’ द्वारा प्रस्तुत की गयी।


इसके पश्चात मंचस्थ अतिथियों द्वारा संस्थान की त्रैमासिक पत्रिका ‘अपरिहार्य’ एवं संस्थान के अध्यक्ष डाॅ0 हरिओम की सद्यः प्रकाशित पुस्तक ‘कैलाश मानसरोवर यात्रा- आस्था के वैचारिक आयाम’ का लोकार्पण किया गया तथा अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि द्वारा उद्बोधन किया गया
तत्पश्चात इस आयोजन का पुरस्कार एवं सम्मान का सत्र प्रारम्भ हुआ। मुख्य अतिथि द्वारा साहित्यकारों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किये गये:-
पुरस्कार पाने वाले सभी साहित्यकारों को रु0 01-01 लाख की धनराशि के साथ ही प्रमाण-पत्र/स्मृति चिन्ह एवं शाॅल भेंट किये गये। इसके अतिरिक्त दो अन्य पुरस्कार भी प्रदान किये गये


ओम प्रकाश चतुर्वेदी ‘पराग’ पुरस्कार श्री श्याम नारायण श्रीवास्तव (रु0 21,000/-)
रमन लाल अग्रवाल पुरस्कार डाॅ0 गजेन्द्र कुमार पाठक (रु0 11,000/-)
संस्थान की पत्रिका ‘अपरिहार्य’ एवं संस्थान को अमूल्य योगदान देने हेतु वर्ष 2020-21 के लिए जुबेर राघवेन्द्र प्रताप सिंह,

मुकेश आनन्द, राज महाजन, डाॅ0 नलिन रंजन सिंह, एस.पी. गंगवार, डाॅ0 श्याम बिहारी श्रीवास्तव, सुश्री रश्मि शाक्य, विनय शंकर दीक्षित ‘आशु, डाॅ0 कीर्ति विक्रम सिंह, अख़्तर ज़लील ‘अख़्तर’, दुर्गा शर्मा, मंजुल मयंक मिश्र ‘मंज़र’, डाॅ0 शोभा त्रिपाठी, प्रतिभा गुप्ता, शरद मिश्र ‘सिन्धु’,श्रवण कुमार सेठ, अरशाना अज़्मत, निशा सिंह ‘नवल’, अलका अस्थाना,.जयनारायण बुधवार, अतुल बाजपेयी, फै़ज़ ‘ख़ुमार बाराबंकवी’ को साहित्य गौरव सम्मान प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त डाॅ0 उमेश ‘आदित्य’ को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

साहित्य गौरव सम्मान एवं प्रशंसा पत्र प्राप्त करने वाले साहित्यकारों को रु0 5,100/- की भेंट एवं स्मृति चिन्ह/अंगवस्त्र प्रदान किये गये। सभी पुरस्कृत एवं सम्मानित साहित्यकारों को बधाई देते हुए पुरस्कार एवं सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि श्री महेश कुमार गुप्ता, आई0ए0एस0 जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि साहित्य हमें अवसाद से बचाता है। सेवा काल में रहते हुए हम यह सोचते हैं कि हम नहीं रहेंगे तो कार्य कैसे होंगे?

लेकिन सत्य तो यह है कि सारे कार्य हमारे होने पर ही हैं। यहाँ आकर सबकी अभिव्यक्तियाँ सुनकर लगता है कि सभी की अभिव्यक्तियाँ बहुत उच्च कोटि की हैं। इसी प्रकार संस्थान के मार्गदर्शक, मा0 अध्यक्ष डाॅ0 हरिओम, आई0ए0एस0 ने कहा कि साहित्य मानवीय सभ्यता को आगे ले जाने वाली ताकत है। साहित्यकार की दृष्टि बहुरंगी है। इस खूबसूरती को बचाना है। आने वाले वक्त के लिए जो हम धरोहर छोड़ जायेंगे, वहीं अपनी विरासत है।


कार्यक्रम का सफल संचालन डाॅ0 रश्मिशील एवं इं0 सुनील कुमार बाजपेयी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में पधारे हुए मुख्य अतिथि/साहित्यकारों/श्रोताओं एवं अन्य उपस्थित के प्रति संस्थान के विजय त्रिपाठी ने आभार/धन्यवाद व्यक्त किया। (डाॅ0

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