राजभवन में सम्पन्न हुआ क्षय रोगियों को गोद लेने का कार्यक्रम

राज्यपाल की प्रेरणा से राजभवन में सम्पन्न हुआ क्षय रोगियों को गोद लेने का कार्यक्रम
क्षय रोगियों को प्रदान किए गए पोषण सामग्री के बैग
राज्यपाल द्वारा क्षय रोगियों को गोद लेने की परम्परा से पूरे देश को प्रेरणा मिली

  गौरव बाजपेयी ब्यूरो चीफ़ लखनऊः  17 सितम्बर, 2022


प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से आज यहाँ राजभवन स्थित गांधी सभागार में राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थय श्री मंयकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव राज्यपाल श्रीमती कल्पना अवस्थी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री टी0बी0 मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत क्षय रोगियों को गोद लेने का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

प्रधानमंत्री ‘क्षय मुक्त भारत अभियान‘ के अंतर्गत आज देश के प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर राजभवन में 100 क्षय रोगियों को गोद लेकर अभियान को रफ्तार देने में सक्रिय योगदान दिया गया। जिसमें 30 रोगी राजभवन के अधिकारियों एवं कार्मचारियो द्वारा तथा 70 रोगी विश्वविद्यालय के कुलपतियों तथा अन्य शीर्ष अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए।
आज के कार्यक्रम में राजभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा गोद लिए गए सभी 30 रोगी भी उपस्थित थे, जिन्हें राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री मंयकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव राज्यपाल श्रीमती कल्पना अवस्थी तथा चिकित्सा विभाग के अधिकारियों द्वारा पोषण सामग्री के बैग प्रदान किए गए। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए राज्यमंत्री मंयकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने देश को वर्ष 2025 तक क्षय रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है।

हमारे प्रदेश के नागरिकों ने जिस आत्मविश्वास से कोविड उन्मूलन में आपसी सहयोग किया, उसी आत्मविश्वास और आपसी सहयोग से प्रदेश को टी0बी0 मुक्त भी बनाना है। उन्होंने कहा प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने प्रधानमंत्री के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्र्रतिबद्धता से कार्य करते हुए स्वेच्छा से क्षय रोगियों को गोद लेने की जिस परम्परा की शुरूआत की उससे पूरे देश को प्रेरणा मिली और इसे देश भर में लागू कर दिया गया है।
प्रमुख सचिव राज्यपाल श्रीमती कल्पना अवस्थी ने कहा कि क्षयरोग इस समय विश्व स्तर पर चिंता का विषय है। बड़ी जनसंख्या वाला देश होने के कारण विश्व का हर चौथा क्षयरोगी भारत में तथा भारत का हर पांचवा क्षयरोगी उत्तर प्रदेश में है। ऐसी स्थिति में राज्यपाल जी द्वारा क्षयरोग उन्मूलन की दिशा में क्षय रोगियों को गोद लेकर रोगमुक्त करने कि दिशा में चलाया गया अभियान ‘क्षय मुक्त उत्तर प्रदेश‘ के लक्ष्य को गति प्रदान कर रहा है,

इसके साथ ही इससे प्रेरित होकर देश भर में लागू ये योजना इस अभियान की सफलता का परिदृश्य भी स्थापित कर रही है। प्रमुख सचिव ने कार्यक्रम में स्वयं रोगियों से मिलकर उनकी जानकारी ली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए उत्साहवर्द्धन किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में राज्य क्षयरोग अधिकारी डॉ0 शैलेन्द्र भटनागर ने जानकारी दी  कि राज्यपाल जी द्वारा क्षय रोगी को एवं उसके परिवार को भावनात्मक सहयोग प्रदान करना, पोषण सम्बन्धी सहायता देना और चिकित्सा सम्बन्धी सहायता के लिए व्यवस्थागत सहयोग देने के उद्देश्य से गोद लेने का कार्य प्रारम्भ किया गया था, जिसमें अब बच्चों के साथ-साथ व्यस्क रोगी भी गोद लिए जा रहे हैं और उन्हें पोषण सामग्री का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में यह गतिविधि चल रही है। क्षयरोगी को गोद लेने वाले को ‘निक्षय मित्र‘ कहा जाता है। उत्तर प्रदेश में 16 सितम्बर, 2022 तक पंजीकृत निक्षय मित्रों की संख्या 5296 है। टी0बी0 रोगी को सहायता प्रदान करने की न्यूनतम अवधि अब एक वर्ष है जो कि पहले 06 माह थी।

कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थय विभाग के प्रमुख सचिव, महानिदेशक, क्षय रोगियों को गोद लेने वाले विश्वविद्यालयों के कुलपति और शीर्ष अधिकारी, राजभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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